binayshankar
शुक्रवार, 28 मई 2021
आँसू
बुधवार, 12 मई 2021
खिलौना
कब तक बच तू पायेगा तू तो माटी का खिलौना है
दो गज धरती मन भर लकड़ी,आखिरी तेरा बिछौना है
-विनय राय
शनिवार, 1 मई 2021
बफ़ा
बेवफाओं की बस्ती में ,वफ़ा न लाज़मी रहा
कल तलक था आदमी,अब कहाँ वो आदमी रहा।
विनय राय
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