बुधवार, 12 मई 2021

खिलौना


 कब तक बच तू पायेगा तू तो माटी का  खिलौना है

दो गज धरती मन भर लकड़ी,आखिरी तेरा बिछौना है

                                  -विनय राय

शनिवार, 1 मई 2021

बफ़ा


 बेवफाओं की बस्ती में ,वफ़ा न लाज़मी रहा

कल तलक था आदमी,अब कहाँ वो आदमी रहा।

                                विनय राय